मस्जिद लाल दरवाजा

दिशा

नगर के बेगमगंज मुहल्‍ले में स्‍थि‍त लाल दरवाजा का र्नि‍माण सन् 1450 ई0 में इब्राहि‍म शाह शर्की के पुत्र महमूद शाह शर्की की पत्‍नी बीबी राजे ने करवाया था। इमारत का मुख्‍य दरवाजा लाल पत्‍थरों से नि‍र्मि‍त है जि‍से चुनार से मंगवाया गया था। इमारत का बाहरी क्षेत्रफल 196 गुने 171 फीट के लगभग है। इसमें मध्‍य के हर तरफ महि‍लाओं के बैठने का स्‍थान है जहां सुन्‍दर बारीक झझरि‍यां कटी हुई है। इसके दो स्‍तम्‍भों पर संस्‍कृत तथा पाली भाषा में कुछ लि‍खावट उत्‍कीर्ण है, जि‍समें संवत् व कन्‍नौज राजाओं के नामाति‍रि‍क्‍त कुछ वि‍शेष अर्थ नही नि‍कलता। मस्‍जि‍द की केन्‍द्रीय मेहराब को ढाकने वाली चादर काफी सुन्‍दर है, काले पत्‍थरों पर ‘ला इलाहा इलल्‍लाहो मोहम्‍मदुर्रसूलल्‍लाह’ उभार लेकर उत्‍कीर्ण है। उपर छत पर जाने के चार रास्‍ते हैं महि‍लाओं के लि‍ए 48 X 44 फीट का पृथक रास्‍ता है। इस्‍लामी शैली पर बनायी गयी यह मस्‍जि‍द वर्तमान में ‘इस्‍लामी शि‍क्षा का उच्‍च केन्‍द्र’ के रूप में प्रति‍स्‍थापि‍त है।

फोटो गैलरी

  • लाल दरवाजा

कैसे पहुंचें:

बाय एयर

निकटतम हवाई अड्डा लाल बहादुर शास्त्री बाबापुर, लगभग 50 किमी है

ट्रेन द्वारा

यह मस्जिद मालहानी रोड पर स्थित है, यह जौनपुर जं0 रेलवे स्टेशन से लगभग 3 किमी0 की दूरी पर है।

सड़क के द्वारा

यह जौनपुर बस स्टैंड से लगभग 5 किमी दूर है, वहां पहुंचने के लिए कई स्थानीय परिवहन उपलब्ध हैं।